कपड़ों पर GST: प्रति पीस ₹2,500 तक 5%, उससे ऊपर 18%
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22 सितंबर 2025 से प्रति पीस ₹2,500 तक में बिकने वाले कपड़े पर 5% GST लगता है, और उससे महँगे पर 18%। पहले यह लाइन ₹1,000 की थी और ऊँची दर 12% थी। कपड़े की दुकान के काउंटर पर इस बदलाव का क्या मतलब है, आसान शब्दों में — और आख़िर में सरकारी स्रोत।
नियम, एक लाइन में
कपड़े और कपड़ों की एक्सेसरी — GST टैरिफ़ का अध्याय 61 बुने हुए (निटेड) के लिए, अध्याय 62 बाक़ी के लिए — पर टैक्स हर पीस की क़ीमत से लगता है: पीस की बिक्री क़ीमत ₹2,500 या कम हो तो 5%, ज़्यादा हो तो 18%।
GST काउंसिल ने 3 सितंबर 2025 की 56वीं बैठक में इसकी सिफ़ारिश की, और Notification No. 9/2025–Central Tax (Rate) ने इसे 22 सितंबर 2025 से लागू किया। आपके राज्य के अंदर 5% यानी 2.5% CGST और 2.5% SGST; दूसरे राज्य में 5% IGST।
कपड़ा (थान), और कई साड़ियाँ, कपड़े के हेडिंग में आती हैं और उनकी दरें अलग हैं: वहाँ यह नियम नहीं, उनका HSN कोड तय करता है।
प्रति पीस, प्रति बिल नहीं
₹2,500 की लाइन हर पीस के लिए है। ₹1,200 की तीन कुर्तियों पर 5% ही लगेगा, भले बिल ₹3,600 का हो। ₹1,800 की कुर्ती और ₹3,200 की शेरवानी एक ही बिल में हों तो दोनों दरें लगेंगी।
पीस जिस क़ीमत पर बिकता है, वही गिनी जाती है। GST लेन-देन की क़ीमत (CGST क़ानून की धारा 15) पर लगता है, और बेचते समय बिल में दिखाया डिस्काउंट उसमें से घटता है। ₹2,800 का लहँगा 15% छूट पर — ₹2,380 में — बिके तो 5% के स्लैब में आता है।
अगर आपके टैग में GST शामिल है
ज़्यादातर सलाहकार ₹2,500 को GST से पहले की क़ीमत से मिलाते हैं। GST वाली क़ीमत में इसका मतलब है कि ₹2,625 तक का टैग 5% में रहता है (₹2,500 जमा 5% = ₹2,625), और उससे ऊपर का टैग 18% में जाता है।
यानी ₹2,599 का टैग 5% का पीस है और ₹2,699 का टैग 18% का — त्योहार की क़ीमतें तय करते समय जानने लायक़ फ़र्क़। कुछ सलाहकार यह लाइन टैक्स सहित क़ीमत पर गिनते हैं; अपने CA से तय करें।
आपके बिल पर HSN कोड
हर टैक्स इनवॉइस पर माल का HSN कोड होता है: पिछले साल का टर्नओवर ₹5 करोड़ तक हो तो कम से कम 4 अंक, उससे ऊपर हो तो 6 अंक (Notification No. 78/2020–Central Tax, 1 अप्रैल 2021 से)। ₹5 करोड़ तक, बिना GSTIN वाले ग्राहक के बिल पर HSN कोड न लिखें तो चलता है।
सही कोड इस पर निर्भर है कि पीस क्या है और किससे बना है। हर डिज़ाइन के लिए एक बार तय करें, और शक वाले कोड अपने CA से जँचवाएँ।
महीने के रिटर्न
GSTR-1 में आपकी बिक्री जाती है; GSTR-3B से टैक्स भरा जाता है। हर महीने फ़ाइल करें तो GSTR-1 अगले महीने की 11 तारीख़ तक और GSTR-3B 20 तारीख़ तक। ₹5 करोड़ तक के टर्नओवर में तिमाही रिटर्न और मासिक भुगतान (QRMP योजना) चुना जा सकता है।
आख़िरी तारीख़ें कभी-कभी बढ़ती हैं: GST पोर्टल पर मौजूदा तारीख़ें दिखती हैं।
ई-इनवॉइस
2017-18 के बाद किसी भी साल आपका टर्नओवर ₹5 करोड़ पार कर गया हो, तो GST-रजिस्टर्ड ख़रीदार के हर इनवॉइस के लिए Invoice Registration Portal से IRN और QR कोड चाहिए (1 अगस्त 2023 से, Notification No. 10/2023–Central Tax)। बिना GSTIN वाले ग्राहक के बिल ई-इनवॉइस में नहीं जाते।
यह गाइड नियमों को आम तौर पर समझाती है। यह टैक्स की सलाह नहीं है: आपकी दुकान पर ये कैसे लागू होते हैं, अपने CA से जाँचें।
स्रोत
वे आधिकारिक दस्तावेज़ जिन पर यह गाइड टिकी है। नियम बदलते हैं: मौजूदा संस्करण, और अपना मामला अपने CA से जाँचें।
- Notification No. 9/2025–Central Tax (Rate), 17 September 2025 (Schedule I, S. No. 389; Schedule II, S. No. 198) (नए टैब में खुलता है) — Central Board of Indirect Taxes and Customs
- Recommendations of the 56th meeting of the GST Council, 3 September 2025 (नए टैब में खुलता है) — GST Council
- Central Goods and Services Tax Act, 2017 — section 15 (value of taxable supply) (नए टैब में खुलता है) — Central Board of Indirect Taxes and Customs
- Notification No. 78/2020–Central Tax, 15 October 2020 (HSN digits on tax invoices) (नए टैब में खुलता है) — GST Council
- Notification No. 10/2023–Central Tax, 10 May 2023 (e-invoicing above ₹5 crore turnover, from 1 August 2023) (नए टैब में खुलता है) — Central Board of Indirect Taxes and Customs
- GST portal — returns and due dates (नए टैब में खुलता है) — Goods and Services Tax Network